पति- पत्नी का रिश्ता सबसे पवित्र होता है। पति के जीवन को सफल बनाने में पत्नी का बहुत बड़ा योगदान होता है। पति- पत्नी को एक परिवाक के दो पहिए माना जाता है। इन दोनों के आपसी तालमेल से ही परिवार नाम की गाड़ी सही तरह से चलती है। आचार्य चाणक्य ने कई ऐसी बातें बताई हैं जो व्यक्ति के जीवन को सफल बनाती हैं। आज के समय में भी लोग चाणक्य नीति का पालन करते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस स्त्री में ये पांच गुण होते हैं, वो अपने पति के लिए काफी भाग्यशाली साबित होती है। 

धार्मिक विचारों वाली स्त्री

  • आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसी स्त्री जो धर्म के रास्ते पर चलती है, वो अपने पति के लिए भाग्यशाली साबित होती हैं। जिस स्त्री को भगवान पर आस्था होती है, उसके घर में हमेशा भगवान का वास रहता है। जिस घर में भगवान का वास रहता है वहां किसी भी तरह का कोई संकट नहीं आता है।

संतोष रखने वाली स्त्री

  • जो स्त्री संतोष रखने वाली हो और जिसकी इच्छाएं सीमित हो, उसका दांपत्य जीवन हमेशा खूशियों से भरा रहता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस स्त्री की सीमाएं सीमित होती हैं, उसका पति भाग्यशाली होता है।

धैर्य रखने वाली स्त्री

  • जीवन में धैर्य रखना बहुत जरूरी है। जो स्त्री हर परिस्थिति का सामना धैर्य के साथ करती है, उसका पति भाग्यशाली होता है। ऐसी स्त्री का दांपत्य जीवन आनंद से भरा रहता है।

कोध्र न करने वाली स्त्री 

  • कोध्र इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन होता है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस स्त्री को गुस्सा कम आता है, उशता पति काफी भाग्यशाली होता है।

वाणी में मिठास वाली स्त्री 

  • आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस स्त्री की वाणी में मिठास होती है, उसका पति किस्मत वाला होता है। ऐसी स्त्री अपने पति का जीवन स्वर्ग के समान बना देती हैं।