Personal Loan: पर्सनल लोन पर ऊंची ब्याज दर से परेशान हैं…ये है घटाने का तरीका

 

पर्सनल लोन या कोई भी लोन लेने से पहले बैंकों में तुलना करें कि कहां कम ब्याज देना होगा. पहले बैंकों के जरिये ही पर्सनल लोन मिलते थे, लेकिन आज इस काम में कई गैर-वित्तीय संस्थान आगे आए हैं. वे भी आकर्षक ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं.Personal Loan: पर्सनल लोन पर ऊंची ब्याज दर से परेशान हैं...ये है घटाने का तरीका

हम सब लोग पर्सनल लोन तो लेना चाहते हैं लेकिन उच्च ब्याज दर की चिंता सताती है. लगता है कि कहीं लोन के चक्कर में इतना ब्याज न चुकाना पड़ जाए कि मुश्किल हो जाए. यही कारण है कि लोग पर्सनल लोन लेने से हिचकते हैं. लेकिन कुछ तरीके हैं जिन्हें अपनाकर पर्सनल लोन पर इंटरेस्ट रेट को घटाया जा सकता है.

इन तरीकों में हाई क्रेडिट स्कोर का नाम सबसे ऊपर है. जैसा कि नाम से पता चल रहा है, आप अपने क्रेडिट कार्ड का स्कोर सही रखकर पर्सनल लोन पर ब्याज दर घटा सकते हैं. यानी कि क्रेडिट स्कोर ठीक हो तो कम ब्याज पर पर्सनल लोन ले सकते हैं. हाई क्रेडिट स्कोर का मतलब है कि आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपके लेनदेन का हिसाब ठीक है. हाई क्रेडिट स्कोर को लोन रीपेमेंट के लिए सही माना जाता है.

क्रेडिट स्कोर हाई हो तो कर्ज देने वाले बैंक या संस्थान को क्लायंट पर भरोसा होता है. उसे लगता है कि लोन रीपेमेंट में दिक्कत नहीं आएगी. हाई क्रेडिट स्कोर हो तो बैंक या वित्तीय संस्थानों से कम ब्याज के लिए मोलाई भी कर सकते हैं. अब यह जानना जरूरी है कि क्रेडिट का हाई स्कोर कैसे बनाएं.

  • क्रेडिट स्कोर बढ़ाने के लिए समय पर अपना क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाएं
  • अगर आपने कर्ज लिया है तो उसे बुद्धिमानी से मैनेज करें, समय पर किस्त चुकाएं
  • क्रेडिट कार्ड से अनाप-शनाप खर्च न करें, बिना जरूरत खरीदारीन करें. इससे कर्ज में डूबने का खतरा होता है
  • अगर आपके लोन की एप्लिकेशन रिजेक्ट हो गई है तो कम दिनों में ज्यादा से ज्यादा अप्लाई करें
  • सबसे जरूरी बात, अपने क्रेडिट रिपोर्ट पर गहरी निगाह रखें ताकि कोई संदिग्ध गतिविधि पकड़ में आ जाए. सामान्यतः किसी को पर्सनल लोन तभी मिलता है जब उसका क्रेडिट स्कोर 750 से ऊप हो

लोन रीपेमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा रखें

आपके लोन रीपेमेंट का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छ है तो यह पर्सनल लोन पर कम ब्याज दिला सकता है. रीपेमेंट ट्रैक तभी अच्छा होगा जब आप कर्ज सही समय पर चुकाएंगे. इससे आपका सिबिल स्कोर बढ़ता है और बैंक आदि में आपके प्रति भरोसा जगता है. बैड लोन यानी कि कर्ज की राशि फंस गई, बहुत दिन से कोई चुका नहीं पा रहा है, इससे बैंकों के कामकाज पर असर पड़ता है. इसे देखते हुए बैंक भी उसे ही लोन देना चाहते हैं जिनका सिबिल स्कोर सही हो. आपका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा न हो तो भी पर्सनल लोन मिलेगा, लेकिन ब्याज दर ऊच्च हो सकती है.

बैंकों में तुलना करें कि कहां सस्ता लोन मिलेगा

पर्सनल लोन या कोई भी लोन लेने से पहले बैंकों में तुलना करें कि कहां कम ब्याज देना होगा. पहले बैंकों के जरिये ही पर्सनल लोन मिलते थे, लेकिन आज इस काम में कई गैर-वित्तीय संस्थान आगे आए हैं. वे भी आकर्षक ब्याज दर पर लोन दे रहे हैं. इसलिए जरूरी है कि लोन लेने से पहले बैंक और गैर-वित्तीय संस्थानों के बीच तुलना कर लें. अगर कोई संस्था नरम नियम के साथ लोन देती है तो उससे भी पर्सनल लोन ले सकते हैं.

कानूनी पचड़े के बारे में भी जान लें

लोन लेने के पहले उस संस्था या बैंक के कानूनी पहलुओं के बारे में भी जान लें. कभी-कभी ऐसा भी होता कि कुछ हिडेन चार्ज होते हैं जिनकी बाद में जानकारी मिलती है. इंटरेस्ट चार्ज और इंस्योरेंस प्रीमियम के चलते हो सकता है कि आपके हाथ में आने वाली राशि कम हो जाए. ऐसा न हो, इससे पहले सभी कागजात ठीक से पढ़ लें.

स्पेशल ऑफर पर गौर करें

कभी-कभी संस्थान पर्सनल लोन पर स्पेशल ऑफर लाते हैं. फेस्टिव सीजन में ऐसे ऑफर अक्सर आते हैं. इस दौरान पर्सनल लोन लें तो ब्याज दर कम पर लोन मिल सकता है. ऐसे ऑफर हालांकि कम दिनों के लिए होते हैं, लेकिन ऑफर झटक लिया तो बड़े फायदे हो सकते हैं. इसमें अपनी जरूरतों के लिए कम दर पर लोन मिल सकता है. पर्सनल लोन हमेशा ईएमआई में चुकाना होता है, इस पर भी गौर करें कि ईएमआई ऐसा रखें कि अपने खर्च पर असर न पड़े.

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